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*** वो मुझे अपनाकर भी ***

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

कविता

July 20, 2017

मै जिसे
प्यार करता रहा
मासूम समझ कर
वो ही मुझे
जख़्म पे जख़्म
देता रहा
मैंने कभी
उसको
नहीं कहा
कि
मैं तुमसे
प्यार
करता हूँ
पर वो
वक्त बेवक्त
ये कहता रहा
मैं तुम्हे बहुत
प्यार करता हूँ
मैं तुम्हारे बिना
जी नहीं सकता
पर
ग़म इतना
सताता रहा
मुझे कि वो
मुझे
अपनाकर भी
अपना ना हो सका ।।
?मधुप बैरागी

Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि... Read more
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