वो बचपन की याद बहुत सताती है।

पीपल की छाया
ममता की साया
माँ की गोद रूलाती है
वो बचपन की याद
बहुत सताती है..

दादी की लोरी
बचपन की चोरी
हमें बहुत रूलाती है
वो बचपन की याद
बहुत सताती है..

खिलौने की माया
बचपन की काया
हमें बहुत तड़पाती है
वो बचपन की याद
बहुत सताती है..

#राजन कुमार साह

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