कविता · Reading time: 1 minute

वो पहली मुलाकात

उस पहली मुलाकात की यादें,
आज भी दिल में समाई हुई हैं।
जब तुम पहली बार मुझे मिली थी,
फिर वो मोहब्बत की कली खिली थी।।

फिर हम चले थे कुछ दूर साथ साथ,
पकड़ कर एकदूजे का हाथ।
पहली बार तुम्हें इतना करीब पाकर,
दिल जोर से धड़क रहा था आकर।।

वो मुलाकात कुछ अधूरी रही,
न मैंने सुनी न तुमने कुछ कही।
बस प्यार से नाक खींच कर तुम्हारी,
अपना पहला वादा पूरा किया तभी।।

जो सामने नहीं कह पाया तुमसे,
उसे तुमने मेरी आँखों में पढ़ लिया।
दिल धड़क रहा था तुम्हारा नाम लेकर,
उसे तुमने मेरी धड़कनों में सुन लिया।।

रचनाकार,
संजय गुप्ता।
🌹🙏🌹😃🌹

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