23.7k Members 49.9k Posts

वो नहीं हूँ अब

मैं बदल रही हूँ
पल पल हर क्षण….
कल कुछ और थी
आज हूँ कुछ और ,
भीतर बाहर कहीं भी
अब बैसा कुछ नहीं….
कहीं कमज़ोर तो कहीं
प्रखर भी हो रही हूँ…
वो नहीं हूं अब
मैं बदल रही हूँ
बालों की सफेदी को
जैसे तैसे छुपाती हूँ ,
चेहरे की लकीरों से
कभी डर जाती हूँ…..
तेज बहती सरिता थी
आज थोड़ा ठहर रही हूँ
वो नही हूँ अब
मैं बदल रही हूँ
पल में खुश ,घड़ी में
उदास हो जाती हूँ ,
खुद के साथ अब
ज्यादा वक्त बिताती हूँ….
कल थोड़ी नादान थी
आज समझदार हो रही हूँ
वो नहीं हूँ अब
मैं बदल रही हूँ
सीमा कटोच

Like 4 Comment 8
Views 74

You must be logged in to post comments.

LoginCreate Account

Loading comments
Seema katoch
Seema katoch
Dharamshala
88 Posts · 3.5k Views
Physics lecturer by profession... writing and reading poems is my hobby.... My mail id..... seemakatoch30@gmail.com