Apr 8, 2021 · शेर

वो तुम थी

ऑंखें जो मेरी आँखों मे तेरी
पहचान ढूढती हैं,
पर आंखे अब तेरी गैरों का पता
नहीं रखती
गर आँखे जो तेरी आँखों मे मेरी
मेरा पता ढूंढ़े
ऑंखें मे तुम मेरी,शमशान ढूढ़ लेना

7 Views
Prabal Abhi
You may also like: