दोहे · Reading time: 1 minute

वो तीन दोहे।

वो तीन दोहे–

रहे सजगता कर्म में ,,,,,भाव रहे निष्काम ।।
रिस्तो में खुशियाँ रहे, जीवन के आयाम ।।

लोभ क्षोभ मद मोह को,,, करने दो बिश्राम ।
मानवता का पाठ पढ़,,,,,जीवन के आयाम ।।

यश अपयश समरूपता,,, हार जीत परिणाम ।
सुख दुख का कर सामना,, जीवन के आयाम ।

© राम केश मिश्र

52 Views
Like
You may also like:
Loading...