वोट

सुनो-सुनो आदर्श नागरिकों,,,,आज मातृदिवस है,
भ्रष्टाचारियों के कुशासन से,,,माँ भारती विवश हैं।
करते प्रेम तुम मातृभूमि से,तो कर कर्त्तव्य निभाव,
बहुमूल्य हर एक वोट है,,,,करें सद्बुद्धि से चुनाव।

प्रजातंत्र के डंके पर,मारो भ्रष्टाचार को करारी चोट।
आएगा बदलाव अवश्य ही,अगर देंगे सही को वोट ।
कर चुनाव सही प्रतिनिधि,करें विकसित देश उधान।
है अपना अधिकार-कर्तव्य,आओ मिल करें मतदान।
नीलम शर्मा ✍️

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