कविता · Reading time: 1 minute

करोना

वैश्विक महामारी हुआ करोना,
क्या विकसित क्या विकासशील-
पड़ रहा सब देशों को रोना ।
सोशल डिस्टेंसिंग एकल उपाय,
बार बार रहे समझाय ।
उठते बैठते चलते फिरते
छः फिट दूर रहोना ।
दूरी से नहीं होगा संक्रमण,
पास जाने पर करेगा आक्रमण।
जीवन संकट में पड़ जायेगा,
अगर हुआ करोना।
नहीं स्वीकारो कोई आमंत्रण,
नहीं किसी को दो निमंत्रण।
बिना बजह या बिना काम के,
इधर उधर फ़िरोना।
कोरोना कोबिड उन्नीस,
हर आपदा से है इक्कीस।
न रहो गफलत में रहो सजग,
व्यर्थ ही डरोना।

जयन्ती प्रसाद शर्मा , दादू ।

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