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वीर शहीदो को नमन

bharat gehlot

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कविता

March 23, 2017

नमन है ऐसे वीरो को जिन्‍होने दुश्‍मन को ललकारा था ,
कर परीक्षण संसद में आतातायी शासन की आॅखे खोली थ्‍ाी ,
हुए बलिदान देश की खातिर हॅसते’ हॅसते फॅासी पर झूले थे ,
वीर सपुतों के बलिदानों पर भारत मॉता रोई थी,
भुल गये हम आज वीरो के बलिदानों को ,
भुल गये हम काला पानी ,
जिसमे गुजरी सावरकर की जवानी ,
भुल गये हम उन आजादी के मतवालों को ,
भुल गये हम सुभाष की कुर्बानी को ,
भुल गये हम झाॅसी वाली रानी को ,
भुल गये हम लाला ने खाई लाठी छाती पर थी ,
जो ब्रिटिश शासन के ताबुत में कील का काम कर गई थी ,
याद करो उन आजादी के दीवानो को ,
यह कैसा युग आया यह कैसी घ्‍ाडी आज आई है,
युग की आधुनिकता ने इतिहास को भुलाया है ,
आधुनिकता के मद में युवा आज यु झुम रहा ,
हनीसिंह है जुबान पर भगतसिंह को भुल रहा ,
भरत कुमार गेहलोत
जालोर राजस्‍थान
सम्‍पर्क 7742016184

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bharat gehlot
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