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वीर भाई

निहारिका सिंह

निहारिका सिंह

कविता

August 7, 2017

हमारी रक्षा की जो कसमें खायीं हैं ,
वो वहाँ सरहद पर खड़ा निभा रहा होगा ।
हम यहाँ गुनगुनाते हैं फिल्मी गाने
वो देश पर मर मिटने के गीत गा रहा होगा ।
हम शहनाई के सपने सजातें हैं ,
वो अपनी शहीदी के सपने सजा रहा होगा ।
वो भी इंतज़ार करता होगा राखी का ,
वो अपनी बहनों का संकल्प निभा रहा होगा ।
निहारिका सिंह

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Author
निहारिका सिंह
स्नातक -लखनऊ विश्वविद्यालय(हिन्दी,समाजशास्त्र,अंग्रेजी )बी.के.टी., लखनऊ ,226202।

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