Dec 27, 2019 · कविता
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वीरों की सहादत भूल गए

हर एक पत्ता चौक नीम का,टूट टूट गाथा गाता है
ए स्मारक प्रयाग राज की,क्रांति व्यथा बतलाता है
स्वराज भवन की दीवारे भी,छावनी कथा सुनाए
छिप-छिपा के पीछे से,पण्डित(आजाद)जी पर घात लगाए
अमर उजाला के पन्नों ने हमको मूल बताए
जननी सपूत के वीरों की,ए तो सहादत भूल गए
फ्रांसी इमली पर,सेनानी हँसकर फांसी झूल गए

वृक्ष तना भी रोते होंगे,चंद्रशेखर बलदानी पर
युवा संघ में जोश उमड़ता,अल्फ्रेड पार्क की कहानी पर
धन्य हुयी ओ ममता माई, वीर शेखर की जवानी पर
गुलामी का जंजीर तोड़ने,के खातिर
गोली लौह पुरुष भी,वक्ष हदय पर खाए
तब जाकर भारत माता के,क्रांति लाल कहलाए
जननी सपूत के वीरों की,ए तो सहादत भूल गए
फ्रांसी इमली पर,सेनानी हँसकर फांसी झूल गए
राइटर :- इंजी.नवनीत पाण्डेय सेवटा(चंकी)

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ER.NAVANEET PANDEY
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नाम:- इंजी०नवनीत पाण्डेय (चंकी) पिता :- श्री रमेश पाण्डेय, माता जी:- श्रीमती हेमलता पाण्डेय शिक्षा:-... View full profile
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