मुक्तक · Reading time: 1 minute

विष

राधा रानी कब तारेंगी, फिर वृक्षों की छांवों को l
गोकुल-मथुरा-वृंदावन औ, बरसाने से गांवों को l
विष से आहत माता जमुना, कातर होकर पूछे है ,
क्या फिर से मैं छू पाऊंगी, कान्हा जी के पांवों को l
— राजीव ‘प्रखर’
मुरादाबाद
मो. 8941912642

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