विश्वास

जग में मुश्किल कुछ नहीं, हो मन में विश्वास।
हिम्मत से बढ़ते रहो, पूरी होगी आस।। १

जीवन पतझड़ सा लगे, होना नहीं उदास।
फूल खिला विश्वास का, लौटेगा मधुमास।। २

एक शब्द विश्वास है, प्रथम ख्वाब स्वरूप।
जो ख्वाबों को रूप दे, सुन्दर सुखद अनुप।। ३

दुनिया जिस पर है टिकी, ताकत वो विश्वास।
रोज नया सूरज दिया, नित नूतन आकाश।। ४

इस जीवन से हार कर, होना नहीं उदास।
फिर उठने का हौसला, देता है विश्वास।। ५

बढ़ो आत्म विश्वास से , संयम, साहस संग।
भय विस्मय का अंत कर, जीतो जीवन जंग।। ६

गर जीना है शान से, तो सीना ले तान।
अडिग आत्म विश्वास से, टूटेगा चट्टान।। ७

अगर सफल होना तुझे, मन से करो प्रयास।
सपने सच होते तभी, जब खुद पर विश्वास।। ८

खुद के प्रति दयालु बने, समझे खुद को खास।
हिम्मत ताकत हौसला, बढ़े आत्मविश्वास।। ९

प्रेम एक संजीवनी, जिन्दा रखता आस।
कभी नहीं करता जलन, करता है विश्वास।।१०

—लक्ष्मी सिंह

Like Comment 1
Views 34

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share
Sahityapedia Publishing