दोहे · Reading time: 1 minute

विविध दोहे

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
*1.उपवन*
पावन मन उपवन बने,धरा बनाये स्वच्छ।
पर्यावरण सुधार कर, सुख पनपे प्रत्यक्ष।।

*2. हिरण*
व्यग्र हिरन को देखकर,लालच करते शेर।
झपट पड़ा पुरजोर से,हुई हिरन सब ढेर।।

*3. मोह*
ध्यान सदा रखकर चलो,राह में कोहिनूर।
मोह जाल में मत पड़ो,रह जाओगे दूर।।

*4. लक्ष्य*
लक्ष्य शिखर पर हो सदा,ऊँची भरें उड़ान।
तभी मिले जग में तुझे,मानव निज पहचान।।

*5. तीर*
जब उड़ान भरता मनुज,मन में धर के धीर।
लक्ष्य स्वतः आकर मिले,ज्यों निशान पर तीर।।
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
रचनाकार:-डिजेन्द्र कुर्रे”कोहिनूर”

1 Like · 26 Views
Like
284 Posts · 9.8k Views
You may also like:
Loading...