.
Skip to content

वियोग

Neelam Sharma

Neelam Sharma

गीत

June 3, 2017

वियोग।

इसका मिलन ही इलाज है,
है ये लाइलाज, दिल का रोग।
हैं बहुत से सहते इसे,सारी उमर
और लेते कुछ रिश्तों से जोग।
जो तड़पाता विरह की पीड़ा में
यही जुदाई बिछोह और वियोग।

करता अपनों को जुदा है यह
खुशियां अपार निगलता है यह
आंखों को करता सजल है यह
हर पल को करता बोझिल है यह
ज्यों अश्रु सरिता हो रही बह
हां आंखें भी हर पल यूं ही अविराम रहतीं हैं बह।

नीलम शर्मा

Author
Neelam Sharma
Recommended Posts
मिलन के पल
प्रिय ! तुम्हारे साथ के वह पल या तुम्हारे बिना यह पल दोनों पल, कैसे हैं ये पल ? जला रहे हैं मुझे पल पल... Read more
ये पल-पल बरसते बादल
ये पल-पल बरसते बादल, मै कैसे नहाऊं आज! ये हर पल रूठते अपने, मै कैसे मनाऊ आज! बरसों कि एक कहानी को भी, एक पल... Read more
* सफर जिंदगी का *
Neelam Ji कविता Jun 20, 2017
आसां नहीं सफर जिंदगी का हर पल इम्तेहाँ होता है । दिल जान लगा दे जो अपनी वही इंसान कामयाब होता है । सफर ये... Read more
नूतन बर्ष २०१७ आप सबको मंगलमय हो
नब बर्ष २०१७ की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ। मंगलमय हो आपको नब बर्ष का त्यौहार जीवन में आती रहे पल पल नयी बहार ईश्वर से... Read more