Aug 21, 2020 · गीत
Reading time: 1 minute

विनय स्वीकार करो। *व्रत गीत*

भोले तुम्हारी
शरण में आई

मन की मुरादें
संग में लाई
विनय स्वीकार करो विनय स्वीकार करो
तप के साथ में
व्रत भी करूंगी
रहकर निर्जल
ध्यान धरूंगी
भक्ति भाव में
डूबी रहूंगी
करो उपकार करो
यही मेरे भाव भरो
विनय स्वीकार करो विनय स्वीकार करो
त्रिलोकी के नाथ आप हो
सर पे मेरे तुम्हारा हाथ हो
सौभाग्य बने अहो भाग्य हो मेरे
बीते सुखमय सांझ सवेरे
जिसके साथ हुए मेरे फेरे
सदा ही रहे वे नियरे मेरे
“अनुनय”मुझपे उपकार करो
बेड़ा मेरा पार करो
विनय स्वीकार करो विनय स्वीकार करो
“विशेष हरतालिका तीज व्रत पर*
राजेश व्यास “अनुनय”

1 Like · 3 Comments · 24 Views
Copy link to share
#18 Trending Author
Rajesh vyas
559 Posts · 18.7k Views
Follow 55 Followers
रग रग में मानवता बहती। हरदम मुझसे कहती रहती। दे जाऊं कुछ और ,जमाने तुझको,... View full profile
You may also like: