Skip to content

विधा बाल लीला श्रीकृष्ण

Sajoo Chaturvedi

Sajoo Chaturvedi

कविता

July 24, 2017

जयश्रीकृष्ण
कन्हाईया तूझको पुकारे यशोदा मैया
वेणीबनावे मनहिं हर्षावे
माटीखाये देखे तौ भूमण्डलदिखावे
देखि मैया धरा गिरती
उठे सबहिं देयि भुलाये
गले लगाये मनहिं भरमाये
कहे सखी ऐसे कान्हा कै शरणहिं
अबहिं क्यों नहिं चलि जावे
सज्जो चतुर्वेदी*********

Share this:
Author
Recommended for you