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विधा आओ चले कहीं दूर देश

Sajoo Chaturvedi

Sajoo Chaturvedi

कविता

October 12, 2017

आओ चले कहीं दूर देश
पंख फैला विचरण करते
आओ चले कही दूर देश

हिंद का शांति संदेश पहुँचाते
चलो शांति दूत बन जाते
आओ चले कहीं दूर देश

विरानो को अपना बनाते
नवीन सुबह का गान करते
आओ चलें कहीं दूर देश

पंक्षी चहुँ ओर नवगीत गाते
उपवन को गुंजायमान करते
आओ चले कहीं दूर देश

अरुणोदय का स्वागत करते
छिप सूरज खेलता वृक्षों ओट
आओ चले कहीं दूर देश
**सज्जो चतुर्वेदी…..**********

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