वादा यदि हो न निभाना तो खबर कर देना

वादा यदि हो न निभाना तो खबर कर देना
जो कभी अपना हो माना तो खबर कर देना

मत समझना कभी तुम दूर हमें अपने से
जब पड़े गम भी उठाना तो खबर कर देना

ढूंढता ही रहा दिल अपना यहाँ तो हर पल
गर मिले तुमको ठिकाना तो खबर कर देना

हम तुम्हारे लिए उसको भी चुरा लाएंगे
जीना लम्हा हो पुराना तो खबर कर देना

मीत तो तुमने बनाये यहाँ लाखों होंगे
चाहो जो हम सा दिवाना तो खबर कर देना

‘अर्चना’ मिलने की है आरजू दिल की तुमसे
मिल कोई जाये बहाना तो खबर कर देना
डॉ अर्चना गुप्ता

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