कविता · Reading time: 1 minute

वहम

अपने सारे वहम
का दहन कर देना
होली में
जला देना पिछले सारे
गीले शिकवे
नए सिरे से जोड़ना
रिश्तों को रंगों से रंगीन
वहम जो पाला तुमने
कर देता है राख
सारे रिश्ते को
और मिला देता है
खाक में,दे जाता है,
दर्द,विरह पीडा
असह्य वेदना
असीमित दर्द

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