Aug 6, 2017 · कविता
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वर्तमान

यांत्रिक युग के लोग हम,
दिमाग ज्यादा दिल है कम;
बटन दबाकर सब कुछ करते,
महल बनाते घर उजाड़ते ;
आसमान में उड़ना सीखकर,
भूल गया अब चलना जमीन पर;
खुदा बन बैठा सभी यहाँ,
इंसान का नहीं नामो-निसाँ ।

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Bikash Baruah
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मैं एक अहिंदी भाषी हिंदी नवलेखक के रूप मे साहित्य साधना की कोशिश कर रहा... View full profile
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