वर्तमान मुझे रोने नहीं देता

वर्तमान मुझे रोने नहीं देता

वर्तमान मुझे रोने नहीं देता

बीती बातें मुझे खुशियाँ नहीं देतीं

ग़मों से छूटता नहीं पीछा मेरा

रातें मुझे सोने नहीं देतीं

कोलाहल मुझसे सहन नहीं होता

तन्हाइयां मुझे जीने नहीं देतीं

अंदाजा इस बात का नहीं तुमको

उसकी यादें मुझे मरने नहीं देतीं

आसरा मुझको उसकी यादों का

उसकी नादानियां उसे भूलने नहीं

देतीं

इश्क मुझे हुआ यूं ही नहीं

उसकी शोख अदाएं मुझे मरने नहीं

देतीं

मुझे मुहब्बत यूं ही नहीं तुझसे

वो मीठी – मीठी बातें तुझसे जुदा

होने नहीं देतीं

वर्तमान मुझे रोने नहीं देता

बीती बातें मुझे खुशियाँ नहीं देतीं

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मैं अनिल कुमार गुप्ता , शिक्षक के पद पर कार्यरत हूँ मुझे कवितायें लिखने ,...
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