कविता · Reading time: 1 minute

वर्ण पिरामिड – दामन

🌿🌿🌿
क्यों
नारी
दामन
कलुषित
है आंका जाता
नहीं कोई दोष
पावन सदा नारी।
🌿🌿🌿
है
माँ का
दामन
आशीषों की
शीतल छाया
करती संतान
साक्षात्कार प्रभु से।
🌿🌿🌿
रंजना माथुर
अजमेर (राजस्थान )
मेरी स्वरचित व्यवस्था मौलिक रचना
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भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों…
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