कविता · Reading time: 1 minute

नये वरष की इस मीठी वेला पर मुबारक बाद तुम्हें मैं सौ-सौ बार लिखूं…..एस के राठौर

रोक लूं आज को,या कल का आगाज़ लिखूं
सुंदर मीठी रात लिखूं या उगते सूरज प्रभात लिखूं

परिचय दूँ अपना,या लिखने का हकदार लिखूं
नये वर्ष की इस मीठी वेला पर
मुबारक बाद तुम्हें मैं सौ-सौ बार लिखूं…..✍
वर्ष 2017 का अंतिम वन्दन
आगामी नव वर्ष 2018 की बधाई

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