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वन्दे मातरम्

guru saxena

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कविता

August 14, 2017

वन्दे मातरम्

यह दिन शहीदों के बलिदान का
यह दिन भारत के स्वाभिमान का
यह दिन शौर्य पराक्रम का प्रतीक
तिरंगे की आन बान और शान का
झुकने ना देंगे जब तक दम में दम
वन्दे मातरम् बोलो वन्दे मातरम्

हलचल मची हुई सीमा उस पार
रोज रोज हो रहे हैं वार पर वार
चाहते न युद्ध पर डरते नहीं
विश्व में हमारी सेना भी है दमदार
जो भी टकराए बन जाएं उसे यम
वंदे मातरम् बोलो वंदे मातरम्

माटी के प्रति ये गर्व अमर रहे
सेवा शांति का संदर्भ अमर रहे
दसों दिशाओं में खुशियों की गूंज हो
आजादी का यह पर्व अमर रहे
आज धन्य हुए इसको पाकर हम
वन्दे मातरम् बोलो वन्दे मातरम्

गुरू सक्सेना नरसिहपुर (मध्य प्रदेश)

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guru saxena
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