.
Skip to content

वन्दे मातरम् का गीत सुबह और शाम जो गाये

sunil soni

sunil soni

कविता

April 14, 2017

कश्मीर में सेनिको से दुर्व्यहार करने वाले गद्दारों को सबक सिखाने के लिये है ये कविता
___-______________________________

खाते हो जो थाली में
उसी में छेद करते हो ।
पिलाया दूध आँचल का
उसी से बैर करते हो ।
तुम्हें कब शर्म आएगी
नहीं जीने का हक तुमको ।
कि जिसने जिंदगी दी है
उसी पर वार करते हो ।।

फ़क़त कश्मीरियत के नाम
करो तुम रोज ही दंगे ।
नही खाने को रोटी है
करो नित नाच क्यों? नंगे ।
तरस जाओगे पानी को
जो हम अपनी पर आजायें ।
रहेगा न निशां बाक़ी
जो नक्शे से मिटा देंगे ।।

जो दुश्मन का भला चाहे
चला वो पाक को जाये ।
रहे कश्मीर में वो ही
जो भारत देश को चाहे ।
कहें हम फक्र से अब तो
कि वो ही हिंदुस्तानी है ।
वंदे मातरम् का गीत
सुबह और शाम जो गाये ।।

सुनील सोनी “सागर”
चीचली (म.प्र)

Author
sunil soni
जिला नरसिहपुर मध्यप्रदेश के चीचली कस्बे के निवासी नजदीकी ग्राम chhenaakachhaar में शासकीय स्कूल में aadyapak के पद पर कार्यरत । मोबाइल ~9981272637
Recommended Posts
कविता :-- संघर्ष
कविता :-- संघर्ष !! संघर्ष करो ! संघर्ष करो ! संघर्ष करो ! संघर्ष करो !! संघर्ष हो जीने का मक़सद , संघर्ष बिना क्या... Read more
कविता:??मोहब्बत की बात??
दिल की बात सबको,बताया न करो। कुछ राज सुनलो तुम,छिपाया भी करो।। ज़माना बुरा है बहुत,बातों को हवा दे। हर किसी से मिलके,मुस्क़राया न करो।।... Read more
कविता: ?? मुस्क़राया करो??
मायूसी न तुम कभी,गले लगाया करो। ज़िन्दगी में हरपल,बस मुस्क़राया करो।। हर समस्या का हल,आज नहीं तो कल। कीमती मोती आँसू,व्यर्थ न बहाया करो।। तम... Read more
झुलस
धरती के झुलसते आँचल को अम्बर ने आज भिगोया है झूम उठे वायु संग तरुवर बूंदों में शीत पिरोया है ये महज़ एक झांकी है... Read more