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वजह तुम हो तन्हाई की.. .

Neeraj Chauhan

Neeraj Chauhan

मुक्तक

July 9, 2017

वजह तुम हो तन्हाई की, मेरा त्यौहार तुम ही हो,
भले मैं पैर का घुँघरू, मगर झंकार तुम ही हो
कभी हाथों के परदे आँख पर रख, देखती हो मुझे,
हवाएं कह ये उठती हैं, कि मेरा प्यार तुम ही हो.. .

– नीरज चौहान

Author
Neeraj Chauhan
कॉर्पोरेट और हिंदी की जगज़ाहिर लड़ाई में एक छुपा हुआ लेखक हूँ। माँ हिंदी के प्रति मेरी गहरी निष्ठा हैं। जिसे आजीवन मैं निभाना चाहता हूँ।
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