वक्त

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वक्त एक ऐसा गुरू, बिना कहे दे ज्ञान।
जीवन में जीता वही, जिसे वक्त का भान।। 1

वक्त बेवक्त वक्त में, ऐसा वक्त दिखाय।
जीवन भर भूले नहीं, वो शिक्षा दे जाये।। 2

वक्त कटे कटता नहीं, दर्द भरी है रात।
कोई भी साथी नहीं, समझे मन की बात।। 3

वक्त बुरा जब आय तो, उम्मीदों को थाम।
कर्म सदा करते रहो, लेकर प्रभु का नाम।। 4

चलता ही रहता सदा, वक्त बड़ा बलवान।
ढला वक्त अनुरूप जो, वही है ज्ञानवान।। 5

चाल बहुत ही तेज है, वक्त सदा गतिमान।
नापे जाये जो इसे, होता वही महान।। 6

वक्त किसी का भी नहीं, इसे न कोई चाह।
नियत वेग से ये चले , रूके कभी न राह।। 7

रोक न पाये वक्त को, अनल वायु की चाल।
फांस न पाये वक्त को, आखेटक के जाल।। 8

वक्त बदलता है सदा, बदल वक्त के साथ ।
अपने जीवन में सदा, चल उसूल के हाथ।। 9

वक्त बीत जाता मगर, रह जाती है याद।
किया वक्त गुलाम हमें, खुद घूमे आजाद।। १ ०

किया काम जो वक्त पर , अंतस खुशी समाय।
नहीं वक्त पर जो किया, वो पीछे पछताय।। 11

टिक-टिक कर घड़ियाँ कहे, मूल्य वक्त का जान।
पल-पल का उपयोग कर, यह संदेशा मान।। १ २

गया वक्त जो भी गुजर, वही बना इतिहास।
ये तो कल का आज को,देता दर्पण खास ।। 1३

???? —लक्ष्मी सिंह ?☺

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