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वक्त

Sajan Murarka

Sajan Murarka

कविता

January 18, 2017

वक्त से सीखा की वक्त किसी के लिये रूकता नहीं
वक्त ने ही जताया,वक्त सब का एक सा चलता नहीं

बदलते वक्त के साथ जो बदल गये,उन्हें परेशानी नहीं
जो बदल नहीं पाये,उनकी निशानी वक्त ने छोड़ी नहीं

वक्त से पहचान,वक्त के आगे किसी की चली नहीं
वक्त जब आये,पतन का कारण,अभिमानी जाने नहीं

अहम अपने ग़रूर का,वहम से असर को माने नहीं
वक्त बनाता,वक्त ही मिटाता,यह बात अनजानी नहीं

सजन

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Author
Sajan Murarka
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