वक्त

*सिर्फ़ दो ही गवाह थे मेरी वफ़ा के,*
*एक वक्त,और एक वो,*

*एक गुज़र गया और एक मुकर गया!!*
❤❤

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Nisha garg Own And Famous writer's poem, Shayari, Gajal, etc email I'd gargnisha718@gmail.com
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