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वक्त रात पर अड़े

seervi prakash panwar

seervi prakash panwar

शेर

August 30, 2017

अब काँच पर पत्थर गिरे, फर्क न पड़ता अब जिद को!
अब वक्त रात पर अड़े, इंतजार न होता अब आँखों को!
आख़िर कब तक तक़दीर पर डालकर मै खेल ऐसा खेलूँ!
कि होठों से अफ़साने गिरे, पर आँच न आती कलेजे को!
–सीरवी प्रकाश पंवार

Author
seervi prakash panwar
नाम - सीरवी प्रकाश पंवार पिता - श्री बाबूलाल सीरवी माता - श्री मती सुन्दरी देवी जन्म - 5 जुलाई 1997 पता - अटबड़ा, तह-सोजत सिटी, जिला- पाली राजस्थान शिक्षा - इंजीनियरिंग(वर्तमान) रुचि- लेखक(writer) संपर्क - 9982661925 Facebook-www.fb.com/seerviprakashpanwar Blog-www.seerviprakashpanwar.blogspot. com... Read more
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