.
Skip to content

वक्त कैसा भी हो बदलता हैै

योगिता

योगिता " योगी "

मुक्तक

April 8, 2017

एक ही बात,हां एक ही बात
रखती हूं याद,हां एक ही बात
वक्त कैसा भी हो,बदलता है…..
समय का पहिया ,चलता है,चलता है।
घड़ी मुश्किलों की हो तो भी कटेगी,
जो बदली हो छाई,तो वो भी छंटेगी
हो अंधियारी कितनी भी रात,
फिर सूरज निकलता है,
वक्त कैसा भी हो,
बदलता है।
अच्छा समय भी आकर जाना है,
फूल खिलेगा तो उसे मुरझाना है,
ये बात याद न हो तो
बदलता वक्त अखरता है,
इसलिए रखती हूं याद
वक्त कैसा भी हो,
बदलता है।
किसी की बदहाली
या अपने अच्छे हाल पर
गुमान न करना साहेब
वक्त ही देता है
उसको पटकनी,
जो सीधे बंदों के साथ
टेढ़ी चाल चलता है।
सुबह के बाद
फिर अंधकार होता है
अंधकार के बाद
फिर सूरज निकलता है।
समय का पहिया चलता है,चलता है ,
वक्त कैसा भी हो, बदलता है ।

Author
योगिता
कर्तव्य से प्रशासनिक अधिकारी एवं हृदय से कला प्रेमी।आठ वर्ष की उम्र से विभिन्न विधाओं में मंच पर सक्रिय । आकाशवाणी में युवावाणी कार्यक्रम में कविता पाठ,परिचर्चा में अनेक कार्यक्रम प्रसारित। भिन्न भिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं व समाचार पत्रों में... Read more
Recommended Posts
वक्त
????? वक्त एक ऐसा गुरू, बिना कहे दे ज्ञान। जीवन में जीता सदा, जिसे वक्त का भान।। 1 वक्त बेवक्त वक्त में, ऐसा वक्त दिखाय।... Read more
बदलता वक़्त
बदलते वक्त का शेर है कि, अच्छा या बुरा वक्त आता है बदल जाने के लिए इंसान को इंसानी फितरत याद दिलाने के लिये। वक़्त... Read more
वक्त
वक्त से सीखा की वक्त किसी के लिये रूकता नहीं वक्त ने ही जताया,वक्त सब का एक सा चलता नहीं बदलते वक्त के साथ जो... Read more
वक्त बक्त की बात  (मेरे नौ शेर )
(एक ) अपने थे , वक़्त भी था , वक़्त वह और था यारों वक़्त पर भी नहीं अपने बस मजबूरी का रेला है (दो... Read more