कविता · Reading time: 1 minute

वक्त के आगे जो झुकते नहीं हैं

वक्त के आगे जो झुकते नहीं हैं।
गल्त रास्ते जो चुनते नहीं हैं।
भले विरोध मिले कुछ अपनों का भी
पर अच्छाई से पीछे हटते नहीं हैं।
खुद के हौंसलों से बड़ाते हैं कदम
हालात पर दोष वो मढ़ते नहीं हैं।
जीवन को अपने सार्थक बना कर
फिर कभी वो पीछे मुड़ते नहीं हैं।
समाज को बदलने की ताकत भी
अपने में शायद रखते वहीं हैं।।।
कामनी गुप्ता***

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