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वक्त की खींचा तानी में जमाने चले गए

Sonika Mishra

Sonika Mishra

मुक्तक

February 8, 2017

वक्त की खींचा तानी में जमाने चले गए!
अँधेरे की चौखट पर दर्द मिटाने चले गए!
जब वक्त की मार से हौसले कमजोर दिखे!
खुद को सूरज की लौ में तपाने चले गए!!
– सोनिका मिश्रा

Author
Sonika Mishra
मेरे शब्द एक प्रहार हैं, न कोई जीत न कोई हार हैं | डूब गए तो सागर है, तैर लिया तो इतिहास हैं ||
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