Dec 9, 2020 · कविता
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!!! वक्त की कीमत आंको!!!

अंतर्मन में झांको वक़्त की कीमत आँको।
समय बड़ा कीमती होता यारों,
यूं ही बैठे बैठे, कुछ तो भी मत फांकों।।
मैंने यह कर दिया ,मैंने वह कर दिया ।
यह कहते सुने हैं हमने, एक नहीं लाखों।
क्या वक्त से कोई जीता है, यह अपनी गति से बीता है।
सूरमाओं को भी इसने ,चने चबा दिए नाको।
राजा से कोई रंक बना, रंक से बन गया राजा।
अपने आप को कभी ना, वक्त से बड़ा आकों।।
समय का काम समय पर कर लो।
जीते जी अच्छा कुछ कर लो,
अनुनय याद रखेगी दुनिया, नाम हमेशा थांको।।
राजेश व्यास अनुनय
(थाकों — तुम्हारा)

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Rajesh vyas
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रग रग में मानवता बहती। हरदम मुझसे कहती रहती। दे जाऊं कुछ और ,जमाने तुझको,... View full profile
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