.
Skip to content

वंदेमातरम् !!! माँ भारती तुझे सलाम !!!

Dr. Mahender Singh

Dr. Mahender Singh

कविता

November 8, 2017

**वो कौन है ?
जिसका हर रुख एक संदेश है !
और संतान का हर रुप पसंद है !

कोई माँ नहीं चाहती !
कोख उजड़े !
उसकी उसके सामने !

सिद्ध किया !
उस एक माँ ने !
हँस कर किया विदा !
जब सरदार भगतसिंह की माँ ने,

माता मन ही मग्न थी !
सोच रही थी !
भगतसिंह सही पहचाने !
माँ भारती ही,
असल तेरा गौरव है !

मेरा जन्म भी सफल हुआ !
जो तूने बचा ली !
लाखों कोख उजड़ने से !

वंदे मातरम् !!!
वंदे मातरम् !!!

Author
Dr. Mahender Singh
(आयुर्वेदाचार्य) शौक कविता, व्यंग्य, शेर, हास्य, आलोचक लेख लिखना,अध्यात्म की ओर !
Recommended Posts
माँ (मदर्स डे पर)
???? आम आदमी या ईश्वर अवतार, माँ के दूध का सब कर्जदार। माँ के छाती से निकला दूध, जीवनदायिनी अमृत की बूँद। ? माँ जीवन... Read more
माँ ......
माँ... माँ जीवन का आगाज़ है, माँ एक जीने का अंदाज़ है| माँ... माँ अपनेपन की आवाज़ है, माँ आनंद की आभास है| माँ... माँ... Read more
वन्दे मातरम
सावन का अंधा हूँ हर ओर हरा नज़र आएगा, माँ से प्यार करता हूँ देशद्रोहियो को नही भायेगा उन्हें शर्म आती है भारत को भारत... Read more
माँ नियति है
" माँ नियति है " ------------------- माँ गीता... माँ कुरान है ! माँ आन-बान और शान है | माँ ममता है माँ त्याग है !... Read more