Skip to content

वंदना माँ शारदा की

बसंत कुमार शर्मा

बसंत कुमार शर्मा

गज़ल/गीतिका

January 28, 2017

तुम ज्ञान का भंडार माँ, वरदान ऐसा दो हमें
हर पल चलें सद् मार्ग पर,सद्ज्ञान ऐसा दो हमें

चलते रहें संसार में, अटके बिना भटके बिना
सेवा करें इस देश की, सम्मान ऐसा दो हमें

पावन सरल दो मन हमें, पूजा करे जो प्रेम की
अपना सभी को ले बना, दिल दान ऐसा दो हमें

शिक्षा मिले सदभाव की, हर धर्म का सम्मान हो
मानव जहाँ मानव बने, संस्थान ऐसा दो हमें

प्राणी सभी मिलकर रहें, हो भावना कल्याण की
आये सभी के काम जो, धन-धान ऐसा दो हमें

मन में भरा उल्लास हो, पूरे सभी अभियान हों
जीवन सजे सबका यहाँ, अरमान ऐसा दो हमें

संसार में हरदम रहे, बस नाम ऊँचा देश का
अवसर मिले हर हाथ को, विज्ञान ऐसा दो हमें

Share this:
Author
बसंत कुमार शर्मा
भारतीय रेल यातायात सेवा (IRTS) में , जबलपुर, पश्चिम मध्य रेल पर उप मुख्य परिचालन प्रबंधक के पद पर कार्यरत, गीत, गजल/गीतिका, दोहे, लघुकथा एवं व्यंग्य लेखन

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

आज ही अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साथ ही आपकी पुस्तक ई-बुक फॉर्मेट में Amazon Kindle एवं Google Play Store पर भी उपलब्ध होगी

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

सीमित समय के लिए ब्रोंज एवं सिल्वर पब्लिशिंग प्लान्स पर 20% डिस्काउंट (यह ऑफर सिर्फ 31 जनवरी, 2018 तक)

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you