लोहड़ी,पोंगल (मकर-सक्रांति)

उत्तरायण जब सूरज आये,
ठंडी लहर थर-थर थर्राए!
हर्षोल्लासमय पतंग उड़ाएँ,
मकर-सक्रांति का पर्व मनाएँ!
यह सुसंकेत नई फसल का है,
सब समस्याओं के हल का है,
आओ मिलके खुशियाँ मनाएँ!
हर्षोल्लासमय पतंग उड़ाएँ,
मकर-सक्रांति का पर्व मनाएँ!
उत्तर लोहड़ी, दक्षिण में पोंगल
पूरब-मध्य-पच्छिम भारत तक
आओ ‘मयंक’ तिल लड्डू खाएँ!
मकर-सक्रांति का पर्व मनाएँ!
के.आर.परमाल ‘मयंक’

Like Comment 2
Views 12

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119