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लेखन

लेखन
संवेदी मन में
कुछ चुभन
सार्थक मनन
कुछ घुटन
गहन चिंतन
विचारों का मंथन
ढुलकते बन
भावों के मोती-
झर झर
लेखनी के आँसू
जज्बात है लेखन
मौन मुख से
निःसृत शब्द
कोरे पृष्ठ पर
उंगलियों का थिरकन
एक पैनापन,
तेज धार लिए
शब्दों में
अर्थ का सिंगार लिए
बोध की कांति
क्रांति का ललकार लिए
एक कर्म है लेखन
एक धर्म है लेखन
-©नवल किशोर सिंह

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Author
पूर्व वायु सैनिक, शिक्षा-एम ए,एम बी ए, मूल निवासी-हाजीपुर(बिहार), सम्प्रति-सहायक अभियंता, भेल तिरुचि, तमिलनाडु, yenksingh@gmail.com #9092967725
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