मुक्तक

????

चोर और डाकू तो सिर्फ धन लूटते हैं।
उससे बड़े अपराधी धन, तन लूटते हैं।
पर श्रद्धा के लुटेरे सबसे बड़ा लुटेरा –
ये तन, मन, धन, के साथ जीवन लूटते हैं।
????—लक्ष्मी सिंह ?☺

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like Comment 0
Views 137

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share