मुक्तक

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चोर और डाकू तो सिर्फ धन लूटते हैं।
उससे बड़े अपराधी धन, तन लूटते हैं।
पर श्रद्धा के लुटेरे सबसे बड़ा लुटेरा –
ये तन, मन, धन, के साथ जीवन लूटते हैं।
????—लक्ष्मी सिंह ?☺

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