कविता · Reading time: 1 minute

लिख दूं कातिल है तेरी निगाहें, चेहरे की मुस्कान लिखूं।

लिख दूं कातिल है तेरी निगाहें, चेहरे की मुस्कान लिखूं।
तू मेरी दिल की धड़कन है, तुझको अपनी जान लिखूं।

ख्वाबों में तुम बसने वाली दिल की चैन उड़ाती हो
बहुत मजा आता है जब जाना तुम मुझको गले लगाती हो।
मुझे उबारा दुख दर्दों से, खुशियां भर दी दामन में
कहूं प्रेयसी या ईश्वर से मिला मुझे वरदान लिखूं।

दीपक झा रुद्रा

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