* लिखना बहुत जरूरी है*

जब छाया घना अंधेरा हो
आशाओं ने भी घेरा हो -2
और लाना नया सवेरा हो
फिर भी कोई मजबूरी है ।
तो लिखना बहुत जरूरी है ।।

जब प्यार की बरसात हो
या कोई विरह की रात हो -2
बस में नहीं जज्बात हो
और शाम भी सिंदूरी है ।
तो लिखना बहुत जरूरी है।।

जब विरह वेदना सह ना सकें
वो समझे ना ,हम कह ना सके -2
थम जाएं अश्क भी बह न सकें
फिर भी उनसे जब दूरी है ।
तो लिखना बहुत जरूरी है।।

अन्याय से होने क्लेश लगे
जब स्वाभिमान को ठेस लगे -2
फिर नया कोई उद्देश्य जगे
इच्छा शक्ति भी पूरी है ।
तो लिखना बहुत जरूरी है ।।

जब टूट चुका हो अंतर्मन
ईश्वर ही आए नजर हर क्षण -2
प्रभु भक्ति में रंग जाए मन
और प्रेम में रासबिहारी हैं ।
तो लिखना बहुत जरूरी है।।

सुख या दुख आए जीवन में
ख्वाहिश जब दब जाए मन में-2
कुछ सूझ पड़े न उलझन में
और इच्छाएं भी अधूरी हैं।
तो लिखना बहुत जरूरी है।।

श्रीमती ज्योति श्रीवास्तव
p/s खिरैंटी
साईंखेड़ा

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