Nov 14, 2016 · कविता

लिखदूं कुछ अलफ़ाज़ में यूँ जो पढे तू मेरी हो जाए ।

लिखदूं कुछ अलफ़ाज़ में यूँ
जो पढे तू मेरी हो जाए ।
तनहा दुनिया से बेफिक्र हो
रख काँधे सर तू सो जाए ।
लिखदूं कुछ अलफ़ाज़ में यूँ
जो पढे तू मेरी हो जाए ।

कुछ बातें तूने खुद से की
कुछ बातें मैंने मुझसे की
क्यों ना कुछ थोड़ी बातें
एक दूजे से भी हो जाए ।
लिखदूं कुछ अलफ़ाज़ में यूँ
जो पढे तू मेरी हो जाए ।

कपिल जैन

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नाम:कपिल जैन -भोपाल मध्य प्रदेश जन्म : 2 मई 1991 शिक्षा: B.B.A E-mail:-kapil46220@gmail.com
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