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लिखती लहर लहर पे ग़ज़ल लेखनी रहे

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

November 16, 2016

जब जब भी दिल में दर्द की बहती नदी रहे
लिखती लहर लहर पे ग़ज़ल लेखनी रहे

होते महान हैं वही संसार में सदा
जिनके विचारों में भरी बस सादगी रहे

हमको न ज्यादा चाहिए तुझसे ऐ ज़िन्दगी
बस बजती चैन की यहाँ पर बाँसुरी रहे

दिल से तो दूर तुम कभी हमसे गए नहीं
कैसे कहें कि हम यहाँ पर अजनबी रहे

घर टूट वो बिखरता कभी ‘अर्चना’ नहीं
मजबूत डोर रिश्तों की जिसकी बँधी रहे
डॉ अर्चना गुप्ता

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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