Jul 8, 2016 · कविता
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लाल, लाल सूरज क्यो उगता हमे बताओ पापा जी

लाल, लाल सूरज क्यो उगता हमे बताओ पापा जी !
हाथी, घोड़ा, भालू बनकर हमे बिठाओ पापा जी !!

गोद में लेकर रात रात भर कितना सुंदर गाते थे,
चन्दा मामा औ परियों की गीत सुनाओ पापा जी !!

देख अटैची हाथ में पापा के रोने लग जाता था,
कैसे कैसे जिद करता था लौट के आओ पापा जी !!

कितना कचरा फैलाता था घर में माँ रो देती थी,
मम्मी के चप्पल, डंडे से हमे बचाओ पापा जी !!

टिमटिम टिमटिम देखो पापा कितना सुंदर है जुगनू ,
हमे खेलना है इनके संग पकड़ ले लाओ पापा जी !!

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Ashish Tiwari
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