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*लाकडाउन की शादी*

…….. कहानी
*लाकडाउन की शादी*
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अचानक कोरोनावायरस की दस्तक ने यूं तो सारे विश्व को ही हिलाकर रख दिया था ,हर तरफ़ तबाही ही तबाही के मंजर दिखाई दे रहें थे। ऐसे कुछ ही लोग होंगे जो इस महामारी में भी अपनी बिंदास जिंदगी जी रहे थे ।इसी कोरोनावायरस ने कितने दिलों को तरह-तरह से तोड़ दिया था कुछ लोग जिंदगी से हारकर बिछुड गये थे तो असुविधाओं के चलते दम तोड़ ग्रे थे तो कुछ का इश्क शुरू होने से पहले ही समाप्त हो गया था।
विकास और रैना का प्यार कोरोना के आने से कुछ दिन पहले ही शुरू हुआ था दोनों और जज्बातों के तूफान हलचल मचा रहें थे ऐसे में घरों से बाहर निकलने पर घोर पाबंदी थी लोकडाउन जो लग गया था । घर में सभी एक साथ होने पर ख़ुश कम दुःखी ज्यादा दिखाई दे रहे थे क्योंकि घर उन्हें कैद खाना जो लग रहा था । विकास और रैना का भी यही हाल था फोन पर भी बहुत कम बातें हो पातीं थी क्योंकि परिवार जो साथ था एक दिन दोनों की चाहत अपने उफान पर आ गई और दोनों रात को घर से निकल अभी एक दूसरे को देख ही रहे थे कि पुलिस वालों ने धर दबोचा, लाख खुशामदों के बाद भी नहीं छोड़ा और दोनों के परिवार वालों को थाने बुलाकर जुर्माना ले छोड़ दिया।
रैना के परिवार वाले अपने गांव चले गए और उसकी शादी वहीं कर दी। विकास जैसे देवदास ही तो हो गया था। लाख समझाने के बाद भी विकास के पास रैना की थोड़ी सी यादों के सिवा कुछ भी तो नहीं था।
लाकडाऊन में जहां सब कुछ बंद था वहां जैसे शादीयों का सीज़न आ निकला था, इस माहौल में उन महापुरुषों की भी शादी हो गई थी जो बुढ़ापे में प्रवेश करने ही वाले थे, कुछ गरीब बेटियों की भी शादी हो गई थी क्योंकि सभी शादियां गिने चुने लोगों की उपस्थिति में ही हो रही थी रिश्तेदार लाकडाऊन के कारण नहीं आ रहें थे और मिलने वाले कोरोना के डर से दूर से ही बधाईयों की पतंगें उडा रहे थे।
बिचौलियों की जैसे चांदी कट रहीं थीं उनकी गिद्ध वाली नजरें इधर- उधर ग्राहक ढूंढ रही थी तभी एक गिद्ध की नजर विकास पर भी पड़ी और उसने कई खूबसूरत लड़कियों की तस्वीरें घर वालों को दिखानी शुरू कर दी , समझा बुझाकर विकास को शादी के लिए राज़ी कर लिया। शिखा भी बहुत खूबसूरत और पढ़ी लिखी लड़की थी दोनों की शादी हो गई और दोनों की जोड़ी भी एक दम शानदार लग रही थी। विकास के चेहरे पर खुशी तैरती साफ देखी जा सकती थी जिसे देखकर पुरा परिवार ही अंदर ही अंदर खुश हो रहा था।
आज विकास को उस रात की भी बहुत याद आ रही थी जब वो रैना से मिलने गया था आज भी वो शिखा से मिलने के ढ़ेर सारे सपने देख रहा था , जैसे ही उसे शिखा के पास जाने का मौका मिला और वो शिखा के घूघटें को उठाने के लिए आगे बढ़ा तो शिखा पीछे की ओर हटते हुए कहने लगी……” पहले सेनिटाइजर करके आगे।” ….. टूटे से अरमान लेकर विकास स्नान ही कर आया और शिखा के नज़दीक आ कर नज़ाकत से कहने लगा……”लीजिए सरकार हम पूरे बदन को ही सेनिटाइजर कर आए।”
“अब तो हमारी बांहों में आकर अपनी इस सुहागरात को हसीन पलों से महकादो।” और शिखा को बांहों में भर लिया। शिखा ने विकास को धक्का देते हुए कहा….”जरा से भी मैनर्स नहीं है, रोज टी.वी., अखबार और सोशल मीडिया पर आ रहा है अपने हाथों से भी अपने बदन को बचाओ और आप है कि छाती पर चढ़े जा रहें हैं।”
……. हिम्मत जुटा कर विकास कहने लगा ……”जानू ये हमारी पहली सुहागरात है क्या आप चाहती हो ये कोरोना की भेंट चढ़ जाएं?”
…..”तो क्या तुम्हारी सुहागरात के लिए मैं कोरोना की भेंट चढ़ जाऊं?”शिखा के तेवर देख विकास अपनी किस्मत पर जैसे अंदर ही अंदर रोने लगा । आज उसे रैना की बहुत याद आ रही थी। विकास की सुहागरात ही कोरोना की भेंट नहीं चढ़ी थी बल्कि उसका प्यार ,उसकी खुशी और उसके अरमान भी इस जालिम कोरोनावायरस की भेंट चढ़ गए थे।
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प्रमाणित किया जाता है कि प्रस्तुत कहानी ..”लाकडाऊन की शादी” लेखक की मूल व अप्रकाशित कहानी है।
डॉ. नरेश कुमार “सागर”
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ग्राम.. मुरादपुर,सागर कॉलोनी, गढ़ रोड,नई मंडी, हापुड़, उत्तर प्रदेश
9149087291
दिनांक…02/07/2021

Competition entry: साहित्यपीडिया कहानी प्रतियोगिता
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