लङकियो को ही लाइक क्यो ?

हमने भी कुछ लिखा है, उसे भी तो पढ लो ।
मोहतरमा के रचना को देखकर लाइक किया ।
या फिर चेहरे को, अब हमे पता चला कि ।
रिश्ते सब मतलब के होते है ,नही तो कुछ लिखा हमने भी था ।
Rj Anand Prajapati

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