मुक्तक · Reading time: 1 minute

‘लक्ष्मण – रेखा’

लक्ष्मण रेखा के जो गए पार,
हो जाएगा जीवन रेखा से उद्ध्यार..
और 18 दिन शेष हैं देश का रख ध्यान,
इसीलिए सभी लक्ष्मण रेखा में ही रहें सपरिवार…

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