मुक्तक · Reading time: 1 minute

रौशनी दे मौला मेरे

हर टूटे तारे को तू रौशनी दे मौला मेरे
थोड़ी दे चाहें मग़र तू ख़ुशी दे मौला मेरे

गर्दिशों से हारकर कोई ख़ुदकुशी ना करे
हर मरते हुए को तू ज़िन्दगी दे मौला मेरे

__अजय “अग्यार

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Author
Writer & Lyricist जन्म: 04/07/1993 जन्म स्थान नजीबाबाद(उत्तर प्रदेश) शिक्षा : एम.ए अंग्रेज़ी साहित्य मोबाइल: 6395425481 Email:ajaysingh85120@gmail.com
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