#रोमांस का मौसम#

#रोमांस का मौसम#
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रोमांस का मौसम ये बरसात का मौसम।
तेरी-मेरी प्यारी-सी मुलाक़ात का मौसम।।

टिप-टिप गिरती हैं बूँदें हलचल मचाती हैं।
तन-मन पे ये बिजली-सी कोई गिराती हैं।
है बाँहों में भरने की सौग़ात का मौसम।
तेरी-मेरी प्यारी-सी मुलाक़ात का मौसम।।

भीगा-भीगा तन जैसे खिलता कमल कोई।
सिमटे चलना हो जैसे कहता ग़ज़ल कोई।
छाता उड़ आँखें लड़ती हालात का मौसम।
तेरी-मेरी प्यारी-सी मुलाक़ात का मौसम।।

चलती शीतल पवनें मस्ती-सी जगाती हैं।
भीगी बिखरी ज़ुल्फ़े ये दिल को लुभाती हैं।
धरती-बादल होने के लम्हात का मौसम।
तेरी-मेरी प्यारी-सी मुलाक़ात का मौसम।।

प्रीतम दिल जलता मेरा आग़ोश में भरलो।
लब चूमो ज़ुल्फ़े सँवारो तुम आह से खेलो।
बहके सुलगे झलके से ज़ज्बात का मौसम।
तेरी-मेरी प्यारी-सी मुलाक़ात का मौसम।।

रोमांस का मौसम ये बरसात का मौसम।
तेरी-मेरी प्यारी-सी मुलाक़ात का मौसम।।

राधेयश्याम बंगालिया “प्रीतम”
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